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“हर घर ट्राईकोडर्मा, हर खेत सुरक्षित” — हाटा चीनी मिल का किसानों के लिए अभिनव अभियान

“हर घर ट्राईकोडर्मा, हर खेत सुरक्षित” — हाटा चीनी मिल का किसानों के लिए अभिनव अभियान

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हाटा (कुशीनगर)। गन्ने की फसल को फफूंद जनित रोगों से बचाने और किसानों की उपज बढ़ाने की दिशा में हाटा चीनी मिल ने एक सराहनीय पहल की है। अवध शुगर एण्ड एनर्जी लिमिटेड की यूनिट न्यू इंडिया शुगर मिल्स, ढाढ़ा बुजुर्ग हाटा द्वारा “घर-घर ट्राईकोडर्मा, हर घर ट्राईकोडर्मा” अभियान चलाया जा रहा है, जो मिल क्षेत्र के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है।
चीनी मिल के अधिशासी अध्यक्ष आर.के. गुप्ता द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में यह अभियान फफूंद जनित रोगों, विशेष रूप से गन्ने में लगने वाले खतरनाक लाल सड़न रोग से फसल को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अभियान के तहत किसानों द्वारा घरों और खेतों के पास एकत्र किए गए गोबर की खाद के ढेरों और गड्ढों में ट्राईकोडर्मा पाउडर निःशुल्क मिलाया जा रहा है। यह कार्य चीनी मिल अपने संसाधनों से करवा रही है, जिससे किसानों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा है।
गांव-गांव जाकर जहां भी किसान गोबर की खाद एकत्र कर रहे हैं, वहीं चीनी मिल की टीम पहुंचकर ट्राईकोडर्मा का मिश्रण करा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ट्राईकोडर्मा एक लाभकारी जैव-फफूंद है, जो मिट्टी में मौजूद हानिकारक रोगाणुओं को नष्ट कर फसल की जड़ों को मजबूत बनाता है। इससे न केवल गन्ने की फसल सुरक्षित रहती है, बल्कि गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी जैसी अन्य फसलों की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम परसिया से की गई। शुभारंभ अवसर पर अधिशासी उपाध्यक्ष (गन्ना) रविन्द्र सिंह एवं सहायक उपाध्यक्ष (गन्ना) मनोज विश्नाई स्वयं मौजूद रहे और किसानों को ट्राईकोडर्मा के प्रयोग के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जैविक एवं वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।
इस मौके पर अधिशासी अध्यक्ष आर.के. गुप्ता ने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्रफल में उन्नत एवं रोग प्रतिरोधी गन्ना प्रजातियों की बुवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने को-0118, को-14201, को-शा-13235, को-लख-16202, को-जा-85 तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए को-पू-9301 प्रजाति को अपनाने की सलाह दी।
कुल मिलाकर, हाटा चीनी मिल का यह अभियान किसानों की आय बढ़ाने, फसल सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ खेती की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है। क्षेत्र के किसान इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे खेती के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी मान रहे हैं।

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